Saturday, 5 January 2013

कहा कहा मुझे ढूंढे तेरी नजर ...



जाने तेरी नजर किधर किधर तक  जाती हें .
जहा मे खुदको देख ना पाया उधर तक जाती हें.

ऐसा लगता हें जेसे तू मेरे भीतर तक उतर जाती हें.
और कांचके अंदर छुपे मुजमेसे मुजको ढूंढ लाती हें. 


और कांचके अंदर छुपे मुजमेसे मुजको ढूंढ लाती हें ..   

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