Tuesday, 7 May 2013

जब भी मीलो ऐसा करना ...



मै रुठ जाउ कीसी बात पे, तो तुम मना लेना। 
अगर कभी मे रोउ गम मे तो, तुम मुजे हसा देना। 

अपनी काली घनी झुल्फो को चहेरे पे बीछा देना। 
ओर तुम ढेर सारा अपना प्यार मुज पे बरसा देना। 

मे जब कभी उदास हो जाउ, तो तु मुजे संभाल लेना। 
फीकर ना करो मे तुम्हारे पास ही हु होंसला ऐसा देना। 

मै दीलका बडा साफ हु, मगर गुस्सेल दिमाग हे मेरा। गर, 
गुस्से मे कुछ कह दु तो मेरा प्यार देखना गुस्सा भुला देना। 

मेरा हर दर्द मेरी हर पीडा दुर हो जायेगी "अनंत" तुम 
जब कभी भी मीलो मेरे होठ से अपना होठ मीला देना। 
"अनंत"




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