Sunday, 23 August 2015

फिर मुझे बोलना पड़ा ........

अगर  ये फेसबुक  याद ना दिलाता  तो  आज भी ! 

मै  कुछ ना  कहेता , बिलकुल चुप ही  रहेता... 

वैसे  तो  हर नई  घटना  मुझे कुछ पुराना  याद दिलाती है... 

और  पुरानी बाते  फिर नइ बनके सामने  आ जाती  है...

गर हर  बार ऐसा ही हो, तो मै  क्या करू....!!!    

सबसे  बड़ा * ब्लास्ट* .............. 

बहोत साल पहेले मेरे यार "अज्ञानी" की कलमसे निकली हुई ये कड़वी सच्चाई....

ऐसा लगता हैजैसे आज की ही बात हो...  

क्यों ना लगे ! 

देश के हालात तो आज भी ऐसे ही है, जैसे कल थे... 

बहेतर  होने के बदले , सायद आजके  हालत कलसे कुछ ज्यादा ही बदतर है.... 

उस वक्त इन हालातो  में यार ने लिखा था... 
आज भी कुछ ठीक नहीं चल  रहा...
आज भी नेता प्रजा को है छल रहा... 

"अज्ञानी" हाल देश का आज भी ऐसा-
ही है. जेसा की बदतर हाल कल रहा... 

"अज्ञानी"

यही तो होता है कलम वालो का कमाल.... 
वक्त से पहेले वो वक्त को जान लेते है... 

और फिर जो उसकी कलम से निकलता है.... 
वो हर समय उसी समय का लगता है... 

जब कभी सामने आता है, पढ़ा जाता है.... 

और मेरा  क्या  है... 

कुछ  भी  नहीं,  कुछ भी तो नहीं...! 

सिर्फ ......


https://www.facebook.com/photo.php?fbid=264906150285760&set=a.119481608161549.20378.100002991311961&type=1&permPage=1

No comments:

Post a Comment