Sunday, 3 April 2016

ये भी एक झरीया...


और....
ये भी एक झरीया...
उसीका,
उनसे मीलनेका ,
ये अंदाज....
रुह को चुपके से छुना ....
फीर कोई मुजे छु गया....
और ....
रुह से रुह तक पहोंचना....
और एक दीन वो भोली बोली ...
तु गया तो क्यो गया ...
Aao Mil Jayein Hum - Prem Geet
YOUTU.BE/0NF4INN5BAW?A
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