Monday, 25 April 2016

गांडा ने गाम नी फीकर ना होय


गांडा ने गाम नी फीकर ना होय
"अज्ञानी"डायाओ वाळे डाट..
आ ते केवो धाट अल्या आ ते केवो धाट ...
एक मारे ज्या हाक
त्या गुंडा 'गर्दी' करता अर्थात...
एक गु़ंडानी हाक पडे त्या
टोले वले गुंडानी आखी जमात ...
आ ते केवो धाट अल्या आ ते केवो धाट ...
सज्जन कदी एक बीजाने
आपे नही आवो साथ ...
फाट फाट थता गु़ंडानी एक हाक सुणी
थती सज्जनो नी फाटंफाट ...
आ ते केवो धाट अल्या आ ते केवो धाट ...
एक दि अज्ञानीए मौन घर्यु हतु .
त्यारे भवीष्यनु कथन कर्यु हतु .
एने मने कही हती भवीष्यनी जगतनी वात !
सर्जाशे एवो धाट भाईला सर्जाशे एवो धाट ...
सज्जनो कदी संपसे नही !
गुंडाओ कदी जंपशे नही !
एक दी आ जग पर "अज्ञानी"
हद थी बहार वघी जशे एनो त्रास ..
गांडा अने गुंडाओनु मात्र जग पर हशे राज !
सर्जाशे एवो धाट भाईला सर्जाशे एवो धाट ...
"अज्ञानी"
अने पछी अज्ञानी अलोप थै ग्यो.....
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Comments
Shri Kkparmar વાહ ! ખૂબ ભાલો ! ( બંગાલી ( ભુરો ) ભાલો ! )
Katira Paresh श्री .....भुरी ...हरी हरी ....😇

"हरी"

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