Monday, 30 May 2016

ये भी एक तरीका ...


चुंबन ...
एज !
जीवन...
आखरी पडाव पहेला नो वीसामो ...
जोके ,
"अनंत"प्रेमनी कोई मंजील ,कोई हद ,कोई सीमा नथी होती !
प्रेम "अनंत" सफर छे ! एकला जेमा चालवामा मजा नथी होती !
प्रेमना रस्ते सतत चालवु जेवा तेवानु काम नथी !
बे शक ! प्रेममा रस्ते चालता मुसाफीरने !
अनंत आनंद मले छे !
पण साथे साथे
प्रेमना रस्ते वेदना ,व्यथा, पीडा पण अनंत मलती होय छे !
"अनंत"
आमा मारु काय नै . बघु बघु बचुज एनु ....
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San Patel aj koi aur he kal koi aur hoga dosat
Katira Paresh मीले ,चले ,बीछडे ....
और कोई कोई युगो तक भी साथ चले !

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