Tuesday, 12 July 2016

तेरा से तेरा तक ...


बर्षो पहले अनंत ने ये पत्र  अपनी  कीसी 
 चहीती  को लीख कर कहा था की 
ऐय प्रीये ....

तेरा तारिखसे पहेले तूने कुछ हरकते करनी शुरू की...

जिसे लेकर में बहोत परेशान रहा ... 

फिर सही वक्त पर तूने सुबह सुबह मुजसे बात की .... 

और फिर तेरा तारीख को हम मिले ...

कुछ हरकते जो मेने पहेले कभी नहीं की थी , 

वो तभी की जब हम मिले ... 

उसके बाद आखरी बार हमारी बाते हुई ... 

मेने एक संदेश  भी भेजा .... 

तूने उसका जवाब भी दिया ... 

में भी जवाब देने वाला ही था की मुझे याद आ गया ... 

तुजसे किया हुवा एक वादा ... 

और मेरी उंगली थम गई ... 

मेने जवाब नहीं दिया ... 

फिर तारीख तेरा से तेरा ,मेरा बाते करना बंध हुवा ... 

क्योकि मैने वादा किया था ... 

जो पुरे एक महीने  तक मैने निभाया ...  

जोकि मैने कुछ किये बिना एक महिना बिताया ... 

जब की तुजे बहोत कुछ करना पड़ा था ... 

और तभी मेने वादा किया था की कुछ भी किये बगैर ... 

और मेने किया ... 

अब कल फिर तेरा  तारीख है .... 

तेरा मेरा सिस्ता इतना भी  कमजोर नहीं की इतनी आसानी से टूट जाये ... 

ख़ैर तेरा से तेरा तक का वक्त कल समाप्त होगा .... 

और फिर सिलसिला शुरू होगा वही पुराना .... 

तेरा से तेरा 
तेरा में तेरा 

"अनंत "

आखीर मांजरा क्या था? 
मुजे कुछ पता नहीं। 
क्योकी उशने कभी मुजे बताया ही नहीं। 











2 comments:

  1. Kya ye PRACHU anant ki preyasi hati k anant preysi mathi ek hati. ... tame anant ni mukeli rachna ma aa ek naam j spast chhe.... maaf karjo agar jo angat sawal puchhai gayo hoy to

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  2. ઓળખાણ આપો પેલ્લા.!
    પછી બીજી વાત.!
    હું તમને ઓળખતો નથી અકલે કૌ છું.!
    પછી માઠુ લાગે તો મારો વાંક્ક કાઢશો નૈ

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