गुम हे कीसी के प्यार मे...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
पोताना धरमा आम तेम आंटा मारतो धोधो...
क्यारनो आ एकज लीटी पर अटक्यो छे !
जाणे रेकर्ड पर पीन चोंटी ग्ई होय
ने एकज कडी वाग्ये राखे एम धोधो ...
गुम हे कीसी के प्यार मे...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
आ एकज दोहराव्ये राखे छे...
धोधाने गीतो गावानो बौ शोख पण पुरा आवडे नै
एटले पछी कायम आम अटके ने
एटले पछी कायम आम अटके ने
आंटा मार्या करे !
धांटा पाड्या करे !
धांटा पाड्या करे !
धडी थंभे धडी चाले ...
एक हाथ कमर पर ...
एक हाथ कमर पर ...
ने बीजा हाथनी
एक आंगली गाले ...
एक आंगली गाले ...
लगाडी आगलनी कडी याद करे ...
पण याद आवे नै, एटले पाछो एज कडी..
गुम हे कीसी के प्यार मे...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
अंते आम तेम आटा मारी मारीने !
थाकी हारीने घब्ब करतो !
सोफा पर बेसी जाय छे !
थाकी हारीने घब्ब करतो !
सोफा पर बेसी जाय छे !
क्यारनी धोधाना आंगणे आवी उभेली धोधी
धोधानु आ नाटक जोती होय छे !
आंगणे उभा उभा आगल नी कडी आगळ,
वघारवानु जोके धोधीने केठलीय वार मन थयु !
पण वघारी केम नै ए मने खबर नै ...
धोधो सोफा पर बेठा बेठा फरी कोशीश करे छे
गुम हे कीसी के प्यार मे...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
दील सुबह शा..आ आ आ आ अम ...
पण मेळ पडतो नथी !
अक्कल वगरना ...!
शु जूनी रेकर्ड नी जेम एक पर चोंट्यो छे !
पुरा गीत याद ना होय तो ना गातो होय तो !
धोधीए धोधाने धरमा धुसी धधलाव्यो ...
अरी ! धोधी तु क्यारे आवी ?
हु क्यारनी दरवाजे उभी उभी तारा नाटक जौ छु !
घोघो घोघी पर खिजाई गयो...खिजाई ने कह्यु.
अक्कल वगरनी तो पछी बहार उभीने जोवा,
करता अंदर आवीने गवाय ने !
मने गावामा मदद कराय ने !
धोधी हुह ! करी बोली .
कोण जाणे केदी सुघरशे तु !
गीत पुरती वात होय तो समजाय !
पण तु तो हरेक वाते लोचा मारे छे एनु शु !
धोधो कहे .कोक दि ' तो तु ! चाहशे तो ! हु,
अने पछी जाणे धोधी पर ,
उपकार करतो होय एम ,
धोधी सामे आंख नचावता,
हीन्दीमा कनवर्ट थ्ई धोधो बोल्यो ..
अरे यार पण और कीतना सुघारोगी तू मेरे को !
एक बीगडा हुवा आदमी ,
ईतना सुघर गया क्या ये काफी नही क्या ...
पुरे पुरो सुघरी जा पछी वात ! आम कही
हुह ! एम छणको करी ,
पग पछाडती धोधी भागी गै ....
धोधो धोधीने जती जोतो रहायो ..
हाथ खेंची पासे बेसाडी ना शक्यो
खबर नै केम !


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