Tuesday, 7 April 2020

कुछ शैर अनंत के लीखे

  • बर्षो पहेले अनंतके लीखे कुछ शैर याद आ गये जो कभी अनंत ने अपनी कीसी चहीती के सवाल के जवाब में लीखे थे। 

"अनंत" कीसने कहां तुमसे बीछड कर हम सोते है।
आके आंख मे झांको जरा, हम भी रातभर रोते है।

"अनंत" 

मै बस यु ही सौच मे डुबा आंख मीचे लैटा था अपने बस्तर पर।
पर उन्हें ये लगा "अनंत" बीछड कर उनसे हम बडे ही चैन से
 सोये है। 

अब कैसे बताये हम उन्हें की बीछड ने के बाद तुमसे हम कीतना रोये है। 

"अनंत" 

तुजसे बीछड के रात रात भर हम भी सोये नही। 

सीर्फ आंखे हमारी बंध होती है।

आ आके देख बंध आंखो मे झांक के देख जरा। 
रात मे "अनंत" बंध आंखे रोती है।

"अनंत" 


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