Friday, 29 April 2022

ઘોઘાનું અનોખુ બંધન

 

धोधी ए धोधी ....
आजे धोधी ने आववामा बौ वार लागी !
एटले धोधो मुंजायो अने ...
धोधीने मनोमन हाकल मारवानु वीचार्यु .
अने मनोमन ज हाकल मारी ....
धोधी ...ए... धोधी ...
पण जो के पछी मुखेथी हाकल मारवानी
जरुर ना पडी , कारण के !
धोधी आवी गै ...
आवता वेंत गावा लागी ....
कुछ एसे बंघन होते है ...
कुछ एसे बंघन होते है ...
जो,
धोधा ए आगे चलाव्यु ...
जो बीन बांधे बंघ जाते हे ...
जो बीन बांधे बंघ जाते हे ...
जो बीन बांधे बंघ जाते हे ...
पीन चोंटी ...पाछी पीन चोंटी...
धोधा आना करता मुगो रेतो होय तो !
धोधी धोधा पर गुस्से थै गै .
ना गाय छे ना गावा दे छे !
अक्कल वगरनो तेमा ...!
धोधी साव एम तो के मा ,
मने एम के मने आवडे छे !
आखु गीत मने याद छे !
पण पछी भुलाय ग्यु तो एमा हु शु करु ले पण !
रेवादे तु काय ना कर ...
भगवानने खातर मुंगो मर...हुह...
ले पण एमा भगवानने खातीर
शा माटे मु़गो मरु !
ई क्या काय सांभरे छे !
ते एने काय फेर पडे !
तु कहे तो तारे खातर जीवतो मरु !
बोल मरु ?
हुह हु जाउ छु ! आवजे ...
नै आवु ...
धोधो नै आवु एम बोल्यो 'ने
धेर जती धोधी अटकी
अने धोधा पर छटकी !
हुह ! थै ग्यो पाछो हतो एवो ने एवोज...
कुतरानी पुछडी ...
मने एम के पहेला करता
तु थोडोक सुघरी गयो छे !
पण तु नकटो ने नकटो ज रह्यो ...
धोधी जोरदारनी गुस्से थै गै
हुह ! हुह! हुह हवे हु जाउ छु ....
अरी... अरी ओ धोधी ईईई पण मारी वात तो सांभल ...
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Kaushik Savariya, Shree Nasib and 4 others
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