Monday, 30 January 2023

ફર્ક તો પડેજ છે

 मने कोईज फर्क नथी पडतो !!! 


हां ! मने पण हवेथी कशोज फर्क नै पडे,जा ! 


हू जाऊ छु !


फरी क्यारेय तने नै मलु ,


आजथी तारी मारी कीट्टा ! 


हां...आ.. आ.. अ...,


अच्छा ...


एतो देखाय ज छे !


के तने कोईज फर्ख नथी पडतो !


आ तारी आंसुथी तगतगती आंखो !


गले डुमो बाझेलो स्वर...


रडु रडु  थता कपकपाता गुलाबी गुलाबी होठ !


अने गुस्साथी झणझणतु,


आ तारु आखे आखु बदन..!


अने ,तोय तु..!!?


तू जुठु बोले छे तद्दन.!!! 


बौ केवाय !


अने तु कहे छे के,,,


मने कोईज फर्क नथी, पडतो...!


कोई पण वात ना संदर्भे ज्यारे...


आ वाक्य ! कोई उच्चारे छे के,,,


मने कोईज फर्क नथी पडतो ...!


त्यारे ...!


खरेखर तो बौ मोटो फर्क पडी चुक्यो होय छे..!


वर्शो पहेला...


आ वात,अनंते, वाते वाते आ शब्द प्रयोग करती,


एनी चहीतीने कही'ती...!


वर्शो पहेला....


"अनंत"....


वात मात्र आटली ज होत तो वात जुदी हती ! 


पण वात मात्र आटलीज नहोती !


वात कै जुदीज हती ! 


तसवीर मेच नथी ! 


ए पण हकीकत छे ! 


पण हाल हु मजबुर छु !

*બ્લાસ્ટ*

ફર્ક તો "અનંત" પડેજ છે.!

કોઈને જાજો કોઈને થોડો.!

કોઈને વહેલો કોઈને મોડો 

મગર ફર્ક તો પડેજ છે..! 

"અનંત"


https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid026v7x27GL6N41WqAWh63PMWWggoYh7YqNkysodG4mtjgjbfDhaubPKf3V8xvcAbvbl&id=100002991311961&mibextid=Nif5oz

No comments:

Post a Comment