પોતે મુફલિસ હાલ છે.!
પોતાનુ કહી શકાય એવુ કાયમી કોઈ ઠામ ઠેકાણું નથી
તો પેલીને શું સુખ આપશે.?
એ હકીકત જાણતો હતો ભાઈબંધ અનંત...
તેથી પેલીને ઘણીવાર આ ગીત ગાઈ સમજાવતો કે,
मैं तो एक ख्वाब हूँ, इस ख्वाब से तू प्यार न कर
प्यार हो जाए तो, फिर प्यार का इज़हार न कर
मैं तो एक ख्वाब हूँ ...
ये हवाएं सभी चुपचाप चली जाएंगी
लौट कर फिर कभी गुलशन में नहीं आएंगी
अपने हाथों में हवाओं को गरिफ़्तार न कर - २
मैं तो एक ख्वाब हूँ ...
शाख से टूट के गुन्चे भी कभी खिलते हैं
रात और दिन भी ज़माने में कहीं मिलते हैं
भूल जा जाने दे तक़दीर से तक़रार न कर - २
मैं तो एक ख्वाब हूँ ...
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