Monday, 29 April 2024

जो के आवु चाले नै ।

जो के आवु चाले नै ।
पण चालतु। 


जो के एवु चाले नै ए साचु !

पण पागल प्रेमी ने कोण समजावे !

पोते भले जे सामे आवे तेना प्रेममा पडे !

पण पेली भुलमाय जो कोई बीजानु नाम ,

उच्चारे ..॥॥

तो भ्ई ने वांघा पडे ! 

पोते करे ए लीला ने पेली कै करे तो भै ने थाय पीडा। 

जीव बारे ...बौ के वाय ...

आवु चाले ज नै ! 

पण ए पगलाने कोण समजावे !

जे कोई वातमा समजे नै !

जो के आ पुरुष प्रक्रुती छे !

ए जेवो कोईने प्रेम करे ,प्रेममा पडे के तरतज !

एना मनमा तेनी चहीती प्रत्ये -

अघीकार भाव जन्मे ! 

जोके ,कोई अघीकार पण त्यारे ज अने 

तेना पर ज करे ,जेनी साथे प्रेम होय ! 

आ पण हकीकत छे !

बाकी लश्कर क्या लडे छे ! 

एनी एने परवा पण ना होय ....

तोय आ सारु तो नाज कहेवाय ने ! 

पण आवी बघी वातो थी ईवडो ई 

साव अजाण !

एक दि' एनी चहीती ए कोई छोकरानी-

जराक वात शु करी , 

ईवडो ई तो गुस्से थै ग्यो अने गुस्से थैने 

आ ये तो कोण जाणे कै केटलाय

अर्थमा ! पेली ने कै दीघु ! 

वर्षो पहेला....

"अनंत" सबको जो देखे वो मुजको ना देखे और, 

मुजको जो देखे वो कभी कीसी और को ना देखे। 

"अनंत "

ब्लास्ट :- ईवडो ईज पछी मुंजातो ने के'तो ,

"अनंत" ज्यारे ज्यारे प्रेम थाय छे !

खबर नै, मने आवु केम थाय छे ! 

"अनंत"

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