“અનંત કાળથી ભટકતો અજ્ઞાની” ખંડેર
"અનંત" કાળથી ભટકતો "અજ્ઞાની"
Thursday, 14 April 2022
कुछ ऎसे ही बंधन होते हैं
कुछ ऎसे बंधन होते है।
कुछ ऎसे ही बंधन होते हैं।
कुछ बंधन ही ऎसे होते हे।
जो,,,
कुछ ऎसे बंधन होते है।
कुछ ऎसे ही बंधन होते हैं।
कुछ बंधन ही ऎसे होते हे।
जो,,,
जागी आंखों के ये सपने
अकसर मन को छल जाते हे।
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