Wednesday, 21 December 2022

જમાનાઓ પહેલા

 

વર્ષો પહેલા કોઈ ચહીતીને કહ્યું હતું,

અનંતે આવુ બધુ...

જે હુ છાપી મારૂ અહી સીધે સીધુ...

@@@@@

યુગો પછી મળ્યા .

ખૂબ કરી વાતો હજુ ઘણી બાકી હતી,

ત્યાં તો મને છોડી ગઈ તું .

ને ફરી ના મળવાનો ઉપકાર કરવાનું પણ કહી દીધું.

તો ઉપકાર તો હું કોઈ પર કરતો જ નથી ..

તો મે ઉપકાર કર્યો કહેવાય જો તારી વાત માનું.

થોડી મારી સાંભળી થોડી પોતાની પીડા વર્ણવી ને હવે ..

મને પૂછે છે તું. કે તું ઉદાસ કેમ.?

મને ઉદાસ કર્યા પછી મારી ઉદાસીનું કારણ પૂછે છે તું.!!!

જાણે કશું જ જાણતી ના હોય .....

તારે કારણ જ જાણવું છે ને ....?

તો લે આજે તને મળ્યા પછી.

મારામાં આવેલ સઘળાં પરીવર્તન વિષે તહે કહું.

જ્યારે તું મળતી મારામા અનેરી મસ્તી ફરી વળતી.

અને એ મસ્તી નું કારણ તું.

જ્યારે તું ખન ખન હસતી. હસી પડતો હું.

વર્ષો બાદ મારા હોઠની હસી નું કારણ તું.

તારો મધુર સ્વર સાંભળી ખીલી ઊઠતો હું.

મારી આ મદ મસ્ત તંદુરસ્તીનું કારણ તું.

અને જ્યારે જ્યારે ચહેરો ઝાંખો ઝાંખો પડે ને..!

સમજી જજે હશે મારી એ માંદગીનું કારણ તું.

પણ હવે હું શું કરું ? તે તો મને ધમકી આપી કે...

અગર હું જો હવે મળીશ તને. તો વરાળ થશે તું.

હું ડરપોક પહેલેથી જ હતો પણ આજે વધુ ડરૂ છું.

હા ડરૂ છું એટલે કે મને ડર છે . એ કે...

શું ખરેખર હવે મને નહીં જ મળે તું ... ?

લે હવે આટલું કહ્યા પછી એ પણ કહી જ દઉં..!

કે હું ઉદાસ કેમ ? તો મારી ઉદાસીનું કારણ તું તું ને તું .....

આજે પણ મે રંગીન કઈક પીધું ...

અગર જો મને ખુશ જોવો હોય તો....

તારી ધમકી ની તો ઐસી તૈસી લે હવે હું પણ તને ....

ધમકી આપું છું કે..........

કઈ નહીં હવે જવા દેને મને એ નહીં ફાવે .... 
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  • Kaushik Savariya
    Sauthi pela to dhanyavad tamari post mane yaad rakhva badal...... Biji vat ......vah su dhamki 6 yaar .... 🙂
    2
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    કૌશિક ભાઈ ધમકી....!!!!
    કઈ નહીં હવે જવા દેને મને એ નહીં ફાવે ....🙂
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  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    :)Kunjal Pradip Chhaya તો મે પણ ક્યાં કઈ કર્યું તારા જેવુ .🙂
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  • Kaushik Savariya
    Tamaru aa nai fave e mane favi gayu Katira Paresh ...... 🙂
  • Arun Shah
    कोई ठोकर लगी अचानक जब-जब चला सावधानी से पर बेहोशी में मंजिल तक जा पहुँचा हूँ आसानी से
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  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    🙂 कौशिक भाई और हम कर भी क्या सकते हे.. कोई हमें भले ही धमकिया दे पर भैया हम तो न दे शके ....धमकी 🙂
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अल्या अरुण्या इशारा करके कहा छुप गया आ सामने आ ..
  • Arun Shah
    अपनी हाज़िरी ज़ाहिर करने के लिए ही तो कुछ अंटशंट सी कमेंट पास की मैंने अब देखें कहाँ तक निकलते है
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  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अरुण्या हम वहा तक आएंगे जहा तक तू ले जाएगा .. मगर हां धमकी बमकी ना देना .. समजा क्या.. ?
  • Arun Shah
    हम कहीं जाते नहीं सिर्फ़ बहते है जाना तो ज़बरदस्ती हुआ बहना सहज हुआ
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    ओये बस आते ही ज्ञान गंगा बहाना शुरू कर दिया अरी भैया हमें तैरना नहीं आता ..🙂
  • Arun Shah
    हाँ तो डूब जाओ में तो कहता हूँ तैरो मत डूब जाओ तैरना तो ऊपर ऊपर सी बात हो गई जितने गहरे डूबो उतने मोती हाथ लगेंगे
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  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    Kunjal Pradip Chhaya
    हां तुम तो सो ही जावो इसीमे हम दोनों की भलाई हें ..
    क्युकी हम कड़वा भी बोलेंगे. यहाँ ना हलवा हें ना मलाई हें ..
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    आल्या अरुण्या ऐसे हमें डूबने के लिए तुम ना ललचावो वर्ना हम सचमे डुबकी लगा देंगे ....
  • Arun Shah
    ऐसी ज़बरदस्ती की डूबकी सच में तुम्हे ले डूबेगी डूबने से मेरा मतलब है बस खो जाओ बेध्यान हो जाओ और तुम कतीरा परेश ही न रहो फ़िर फिर तुम्हारे साथ जो भी घटता है उसे बस देखते भर रहो
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  • Arun Shah
    खुद से अलग हो के खुद को साक्षी भाव से देखने की कला किसी किसी को ही हांसिल है तुम उनमें से एक क्यूँ नहीं हो सकते
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  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अरुण्या तेरे कहेनेका मतलब क्या हें हां ?देख दुखती नश ना दब जाये ख़याल रहे ..
    परेश कतीरा सिर्फ परेश कतीरा ही रहेगा जो घटेगी उन्हिसे घटेगी
  • Arun Shah
    मैं तो अज्ञानी हो कर कुछ भी अंटशंट लिखता रहूँगा मतलब निकालना तो ज्ञानिओं का काम है
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अबे कुंजल तू कौनसी गरबड कहेती हें ... यहाँ आज कोई गरबड ना होंगी सिर्फ बड बड ही होंगी क्युकी हम.... 🙂
  • Arun Shah
    परेश जिस "अनंत" और "अज्ञानी" का कायल है उस वाले "अज्ञानी" से मेरा कोई सरोकार नहीं इस मामले गुजराती भाषा मुझसे दूर ही रहती है
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अरुण्या तू घुमा फिराके कुछ भी पूछ में मतलब निकालूँगा क्युकी में बड़ा ग्यानी हु .. तू नहीं जानता ..🙂
  • Arun Shah
    ऐसा है तो फ़िर तु जिस "अनंत" और "अज्ञानी" का कायल है उनसे मुझे दो चार क्यूँ नहीं कराता ?
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अबे तू मेरा सर फिराने की बात ना कर इस बातको लेकर पहेलेसे ही मेरा सर किसीने फिरा दिया हें .. और ये "दो चार क्यु" का मतलब क्या हें पहेले ये समजा ....
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    ओये कुंजी तू फिर आ गई तुजे मैने बोलाना की तू सोजा..
    और इसमें तुजे भगवान कहा नजर आया ?
  • Arun Shah
    पहले मेरे सवाल को बुझा इसके पश्चात् में कहता हूँ कुछ और दो चार से मेरा मतलब है उनसे मुझको रूबरू क्यूँ नहीं कराता ?
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    तू और कोई बात कर "अनंत"अज्ञानी" को छोड कर ..... वो दोनों गए भाड्मे...
  • Arun Shah
    अरे वाह ऐसे कैसे भाड़ में झोंक दें, आख़िर तू उनकी रचनाएँ शेयर करता रहता है तो हमसे उनका साक्षात्कार भी करवा दे यार
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    तो वो बीचमे आयेगी तो फसेगी ही उसे ना मालुम हें की हम आज फिर उसी मस्तीमे हें खामखा कही कुछ मेरे मुहसे निकल गया तो फिर वो रोएगी रूठेगी मनाने कोन तू जाएगा ?मुझे तो मनाना भी नहीं आता रूठे हुवे को और तू ऊँचे सुरमे बात ना करना कहे देता हु वर्ना आवाज मेरी भी ... अब छोड कोई और बात कर ...
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अरुण्या गड़े हुवे मुर्दे उखाडना छोड दे उसीमे तेरी भलाई हें ....
  • Arun Shah
    चल आज तेरी भी इंतिहा देख लेता हूँ कितने सितम तू झेल सकता है कभी मौका तो दे ख़ुद को
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    सितम हजारों जेलेंगे . इम्तिहा ओर भी लेते हें हमारी और हम १००% फेल मगर आज सामने तू हें तो बात कुछ और हें तू भी ढाले सितम चाहे जितना ....
  • Arun Shah
    परिया एक बात सुन ज़िन्दगी में हम जिस चीज़ से भागना चाहे ना मुक़द्दर हमें उसी चीज़ से दो चार कराते रहता है इसीलिए भागो मत सामना करो तो बता कौन है वो "अनंत" और "अज्ञानी" ?
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अबे तू फिर वही रेकोर्ड बजाने लगा तेरे पास ओर कोई बात नहीं क्या ? क्यु खामखा पीछे पड़ा हें .. चल कोई अच्छा वाला गीत सुना ...
  • Arun Shah
    आज मेरे सर अनंत और अज्ञानी चढ़े हैं तो में नग्मा भी उन्हीं के गुनगुनाता हूँ अर्ज़ है ......
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    तो ... आज तू भी मुझे परेशान करने पर तुला हें क्यु ? तुजे क्या काम हें उनसे ?
  • Arun Shah
    मतलब मुझसे पहले भी ऐसी कोशिश की गई है और काम तो में जब उनसे मिलूंगा तो उन्हीं से पेश कर दूंगा तू बस उन्हें पेश कर दे
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  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    अबे बार बार एक ही सवाल ... मुझे ये समजमे नहीं आता की में तेरे सामने हु और तू मुझसे बात करने के बजाय एकही रेकोर्ड बजाये जाता हें तुजे बोलाना कोई गीत अच्छा वाला सुना या फिर में सुनावु वो सुन ....
    आदमी मुसाफिर हें ... आता हें जाता हें..
    आते जाते रस्ते में यादे छोड जाता हें...
  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    झोका हवाका पानीका रेला...
  • Arun Shah
    मेले में रह जाए जो अकेला फ़िर वो अकेला ही रह जाता है
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  • નિર્દોષ ગુનેહગાર
    Arun Shah ऐसा ही कुछ...

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