Friday, 31 March 2023

सीमट कर सीलवट मे बदल जाये

बिस्तर पर सीमट कर एक दुसरे की बाहों में। 
जब रजाई मे सीलवटे पड जाये वो घडीया "अनंत" वो लम्हा 
बहोत खुबसूरत होती है। 
"अनंत" 

 
બે મતલબની વાતો રચનાઓ 
અનંતના મુખેથી અકસર... 
અનાયાસે જ નીકળી જતી કાયમ... 
પેલીએ અનંતને આપેલ એક ચુંબનની અસરમાં... 
રાતભર જાગતા 
ભાઈબંધ અનંતે 
વર્ષો પહેલાં... 
લખ્યું હતું કે, 
न पुछ रातभर मेरी नींद खराब की किसने ।
" अनंत" मुजे सारी रात जगाया है तेरी कीस ने। 
"अनंत" 
कल रात तुने कस के अपनी बाहो मे मुजे चुमा था। 
फिर दीनभर मे जैसे कोई नशा कीया हो ऐसे झुमा था। 
"अनंत" 

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