Sunday, 29 October 2023

ह्रदय की पीडा देह की अगनी


गीतकार : साहिर लुधियानवी, गायक : गीता दत्त, संगीतकार : सचिन देव बर्मन, चित्रपट : प्यासा (१९५७

आज सजन मोहे अंग लगालो
जनम सफल हो जाए
ह्रदय की पीड़ा देह की अग्नि
सब शीतल हो जाए
आज सजन मोहे अंग लगालो
जनम सफल हो जाए

किये लाख जातां मोरे मन की तपन
मोरे तन की जलन नहीं जाए
किये लाख जातां मोरे मन की तपन
मोरे तन की जलन नहीं जाए
कैसी लगी ये लगन
कैसी जाएगी ये अगन
कैसी लगी ये लगन
कैसी जाएगी ये अगन
जिया धीर धरण नहीं पाए
प्रेम सुधा मोरे
सावरिया सावरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसाओ
के जग जल थल हो जाए

आज सजन मोहे अंग लगालो

जनम सफल हो जाए
ह्रदय की पीड़ा देह की अग्नि
सब शीतल हो जाए

मोहे अपना बनालो
मोहे अपना बनालो
मेरी बांह पकड़
मै हूँ जनम जनम की दासी
मेरी प्यास बुझालो मनहर
गिरिधर प्यास बुझालो
मनहर गिरिधर प्यास बुझालो
मनहर गिरिधर
मै हूँ अंतर्घट तक प्यासी
प्रेम सुधा मोरे
सावरिया सावरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसाओ
के जग जल थल हो जाए
आज सजन मोहे अंग लगालो
जनम सफल हो जाए.

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