વર્ષો પહેલાં ભાઈબંધે કહેલી વાત..!
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इसकी सुनी
उसकी सुनी
जाने कीस
कीस की सुनी
यहां की सुनी
वहां की सुनी
जाने कहां कहां की सुनी
बात अपने सीवा तुने
"अनंत" सारे जहां की सुनी
काश एक बार बात तुने
खुद की सुनी होती
तो बात कुछ और होती
होने को होता सब कुछ मगर
हुई जो वो अनहोनी ना होती
"अनंत"
ब्लास्ट :-
जीवन मे होता हे कभी कभी कुछ ऐसा,
की, घटना एक एक ही घटती है।
लेकिन दो व्यक्तियों के जीवन मे,
उनके नतीजे "अनंत" अलग अलग आते है।
"अनंत"
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