Wednesday, 6 February 2013

बस अब यही करना हे.....




इस कदर तुजे याद करे की खुदसे दूर हो जाए. 
कभी सपने सच कभी हकीकत भी जूठ हो जाए.

गुस्सेसे कभी बाते. कभी जगडा भी करो प्यारसे. 
बस कुछ ना कुछ करते रहो .अगर मुड हो जाए. 
फिर चल पड़े हम अपने अपने रास्ते. यु करो, 
बस कुछ ही पल एक दुजेमे हम तुम खो जाए. 


हम तो इशारोमे समजने वाले हें. तुम हमारे ,  
नाकपे उंगली ही रख दो और हम चुप हो जाए.

"
अनंत" छोटी छोटी खुशीमें भी में खुश रहेता हु. 
तुम बस जरासा मुश्कुरादों हम खुश हो जाये.

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