Wednesday, 6 February 2013

बस अब यही काम करना हे....

                         





बस अब यही काम करना हे... 

बस अब यही काम करना हे.

अनंत का जो ये पुराना खजाना हे ....


और जो थोडा बहोत f.b रखा हे..

वो सब अब यहाँ पर लाना हे...

उसीमे कही हाले दिल मेरा छिपा हे .

और उसीमे मेरा जझाबात...

उन्हिसे कुछ मिलते जुलते हे आज मेरे भी हालत...

तो बस उन्हिकी लीखी सारी पुरानी बाते तुजे सुनाके ....

मुझे अपने हालत से तुजे वाकिफ करना हे...

जो समजे उसे समजाना हे ...

कुछ खास लोगोके लिए ही हे ये सब ..

आखिर उन्ही को .सोंप जाना हे ....  


अनत का जो ये पुराना खजाना हे ....




इस कदर तुजे याद करे की खुदसे दूर हो जाए. 

कभी सपने सच कभी हकीकत भी जूठ हो जाए.

गुस्सेसे कभी बाते. कभी जगडा भी करो प्यारसे. 
बस कुछ ना कुछ करते रहो .अगर मुड हो जाए. 


फिर चल पड़े हम अपने अपने रास्ते. यु करो, 
बस कुछ ही पल एक दुजेमे हम तुम खो जाए. 


हम तो इशारोमे समजने वाले हें. तुम हमारे ,  
नाकपे उंगली ही रख दो और हम चुप हो जाए.

"अनंत" छोटी छोटी खुशीमें भी में खुश रहेता हु. 
तुम बस जरासा मुश्कुरादों हम खुश हो जाये.

"अनंत"



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