Saturday, 28 December 2013

ये बो गीत है जो अनंत अकसर सुनता और गाता था ...


फारुक शेख आप हमेशा हमारी आखोमे बसे रहेंगे . 
ह्रदय में मौजूद और उम्रभर आपके गीत कनोमें गूंजेंते रहेंगे 


  












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