अभी रातके बारह बज कर पचास मिनिट हुई हे ....
समाचार सुनिए हमारे मोरबी के संवादाता कतीरा परेश के साथ..
आज बारिश शुरू होते ही कुछ लाइव तस्वीर के साथ मेने रिपोर्टिंग की थी बिना पगार वाली नौकरी करते हुवे भी....!
कुछ और खोफनाक द्रश्य भी शामको देखने मिले थे मगर हर साल होता है ऐसा ही हुवा वारिस के डर से बिजली गुल हो गई , या फिर जी.इ.बी. वालो ने डर के मारे हमेशा की तरहा बिजली गुल करदी ...
ये अभीतक पता नहीं चला ..
हमें खेद हे बिजली की वजहसे ताजा समाचार वासी होने के बाद हम दे रहे हे ....
सायद सोये हुवे धरासभ्य जी जाग जाए ...
जोकि अभीतक सोये हुवे ही है..
तो हमारे मोरबी के बीमार रास्ते ....
ये जो तसवीरमे नजर आता है ....
इस रोड की साइड में एक बड़ी सी गटर है...
जो हर साल थोड़ी थोड़ी बड़ी होती जा रही है...
मगर इसे छोटी करने कोई नहीं आता.... सब सोये है....
हर साल बारिसमे यहाँ इतना पानी भर जाता हे की गटर नजर तक नहीं आती....
और कभी बड़ा ट्रक तो कभी छोटी गाडी....
इन गटर के गद्दे में घुस के टेढ़ी है हो जाती ...
आज भी इस गटर में,
एक पेसेंजर बस घुस गई है ...
पैसेंजरो की सासे थम गई है ...
सब जिन्दा है मगर डर रहे हे बस के अन्दर...
हो शकती थी मगर कोई जान हानि नहीं हुई ...
जो की आप तसवीरमे साफ़ साफ़ देख शकते हे ...
जाने कितने बर्षोसे गटर के पासमे सीमेंट के बड़े बड़े पाइप पड़े है...
ताकि पता चले बाजु में बड़ी गटर है....
जैसे बस इसे देखके इसके पास से गाडी ना चलाने का इशारा..
कलको कोई जान हानि हो तो वो कहे शके अरे भई तुम्हे दीखता नहीं...
इतने बड़े बड़े पाइप तो रखे थे हमने फिर कैसे गद्दी घुसादी आपने गटर के अंदर...
न जाने ग्रांट का सारा पैसा कंहा जाता है .... ???
इस बड़े सवाल के साथ समाचार समाप्त हुवे ....
जय हिन्द....






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