Saturday, 24 June 2023

आंखो मे क्या झांकते हो ।

आंखो मे ना झांकना कोई .... 

क्यों कि, 

"अनंत"


आंखे घोखा दे शकती है और, 

"अनंत" आंखे धोखा खा भी शकती है....

*ब्लास्ट*

आंखो मे क्या झांकते हो,

आंखे फरेबी हो शकती हे ।

झांकना है तो दिल मे झांको,

जहां से प्यार की लहेरे उठती हे ।

*श्री गुलाब दास की रचना *


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