दुनिया की सौचसे कुछ अलग ही सौच ने वाले ....
दुनिया ऐसे लोगो को पागल भी समजती हे ...
पर वो अपनी मस्ती में रहेते हे ....
उसे कोई फर्क नहीं पड़ता ....
बस वो जो कहेना चाहते हे कहे देते हे ....
वो कुछ गुढ़ बाते इस कदर कहे देते हे ...
जो आम लोगोको जल्द समजमे नहीं आती ....
और फिर लोग अपनी अपनी सौच के मुताबिक़_
अर्थ निकालते रहे ते हे ....
कभी कभी ये लोग ऐसी बात कहे जाते हे_
जो हमारी समजसे परे होती हे ...
पर हम इसकी बातो को टाल नहीं शकते,
पर हां चिंतन और मनन जरुर कर शकते हे ....
तो....
ये कुछ ऐसी ही बाते हे......
सच क्या हे और जूठ क्या हे ?
"अनंत" हर जूठ में एक सच छुपा हे.
"अनंत"
&&&&&&&&&&&&&&&&&&
वो तो पल पल बदलता हे....
तू जिस सत्य को लेकर चलता हे.
“अज्ञानी" जूठ अटल अचल हे.
और सच पल पल बदलता हे...
"अज्ञानी"
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2771418972967786&id=100002991311961
No comments:
Post a Comment