कान मे कुछ कहेदे जो ईस दील को बहेला दे
ये भी मुश्किल हे तो क्या आसान है।
अपनी तो हर आह ईक तूफ़ान है।
दिल ही तो है इस ने शायद भूल भी की है
ज़िंदगी है भूल कर ही राह मिलती है।
माफ़ कर बन्दा भी इक इन्सान है।
अपनी तो हर आह ईक तूफ़ान है।
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