गै काले मघ रात्रे ....
अचानक मारी आंख खुली गै...
अर्थात :- उंध उडी गै ....
खबर नै केम !
पछी...
मे शु कर्यु खबर छे !?
भला माणस तमने क्याथी खबर होय ...
ज्या सुघी हु कौ नै ...
कीघा पछीय खबर ना पडे एवुय बने ! ☺
हा तो पछी मे वीचार्यु अने मने कहयु ,
पडखा धसीने पथारी नी पथारी फेरववा करता,
चालने भै उपला रुममा !
आमेय केटलाय वखतथी ....
अनंतना कागलीया नथी उकेल्या तो ,
जरा हाथ फेरो करी ले ...
कांक सारु मली जाय तो ,
जागरण एले ना जाय ....
मने मजा आई गै हु मारी वात मानी ग्यो..
अने सीघोज उपला रुममा ग्यो ....
ज्या एक कबाटमा अनंतना जुना जरझर्री
पीला पडी चुकेला ढगला कागल पड्या छे !
मे तो उपर जै ने जटजट कबाट खोल्यो ...
एमाथी एक थप्पो काढीने ,
हुतो बेसी गयो पलांठी मारीने पटमा..!
पछी थप्पो खोल्यो ....
कागल उथलावतो ग्यो उथलावतो ग्यो ....
अने,
हु झणझण्यो...
मने एवु कशुक मल्यु एमाथी.....
एमा एवु ते शु हतु के हु झणझणी उठ्यो..
ए हु अत्यारे नै ...कौ.....
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