कुछ एसे ही हालतमे ....
मेरे यारने बर्षो पहेले ....
अपने प्यार से ,
बडे ही प्यारसे पुछा था की ...
आखीर कयु !? मुजे फहेले से कुछ
बदली बदलीसी अब नजर आती हे तु !
बदली बदलीसी अब नजर आती हे तु !
"अनंत" बता आखीर क्या बात हे एसी
जो कहेने से ईतनी धबराती हे तु !
जो कहेने से ईतनी धबराती हे तु !
"अनंत"
पेली खुलीने कशु बोली नही !
अटले फछी ए शरफीरानु सर फर्यु ...
अने एणे गुस्से थै ने एनी चहीतीने ,
कही ज दीघु के ,,,,
"अनंत" अगर जो तने मारु सामे आववु
होय ना पसंद .. !
तो,,,
तु तारी आंखो कर बंघ ...!
हु आपो आप अलोप थ्ई ज्ईश....
पछी शु थयु मने खबर नथी ..!
आटला वर्षो पछी पण !
एक भुलक्कड ने !
आटलु याद आव्यु ए शु ओछु छे ! 😇
कोई करे नै ए वात नोखी छे जो के !
बाकी मारा पर .....
बाकी मारा पर .....
गुस्सो तो कोई ने पण आवी शके छे ! 😇




No comments:
Post a Comment