तू पंख वगरनी छे.! छतां परी,!
तू पतंगीयु नथी.!
हां डाली पर चीपकेल फूल छे तू,!
पण तोय बौ उडा उड करे छे.!
तू नै अक्कल वगरनी...!
तारी खूशबू....
हुं तो भवरोंज छु.!
अकेले तो,,,
हु नजीकथी फूल ने चूमू छु!
हु दूरथी खुश्बु ने सूंघु छु.!
हु चाहु छु बस चाहु छु,!
कोने.? ए हु नै कौ।
पछी ते फूल ने खुश्बु तू होय तोय शु..!
खबर नै मने के,
"हु प्रेममा छु के प्रेम मारामा"
बौ मथामण ना अंते पेल्ली वार घोघाऐ,
कै लखवा प्रयास कर्यो अने,
आवु तो कै केकलूय घोघाऐ मनो मन लखी नाख्यु.
पण पछी, हंमेश माफक छेल्ले दाट वार्यो ।
" नै फावे, आ लखवा बकवानु मारु काम नै"
आम मनोमन बबडी पतर फाडी।
अकेले के, मनमा लखेल पतरने फाडीने,
डुच्चो वारी नाख्यो अने गुस्से थै घा कर्यो।
अने ए समये ज घोघीनो प्रवेश थयो।
ने पत्र सीध्धो,
घोघीनी छाती साथे भटकाईने,
घोघीना पग पासे पड्यो
लजवाती घोघी हजु कागज उपाडवा जाय छे,
त्यां तो घोघो चील्लायो...
" रेवा दे..घोघी...रेवा दे...
केम..?
" लाजी मरीश।"
हां तो भले ने.!
एवा अवसर के दि'
घोघीने समज फेर थयेली अकले,
नै तो घोघाऐ " दाजी मरीश " एम कहे, लू
घोघोए कह्यु अक्कल वगरनी..
फोडला उपडी जशे हाथ पण लगाडशे तो,,,
" शु ने शु बोले छे अक्कल वगरनो खबर नथी पडती"
घोघी बगडी अकले बबडी ।
बस पछी परी उडी गै.,. फूर्ररर.,.
બ્લાસ્ટ :-
મને પ્રેમ કરતાં કદાચ નથી આવડતું હજુ એટલેજ ભટકું છું..!
નૈ તો પ્રેમ અને હુંફ તો મારી ભીતર "અનંત" અઢળક છે ..!
નૈ તો પ્રેમ અને હુંફ તો મારી ભીતર "અનંત" અઢળક છે ..!
"અનંત"
નિર્દોષ ગુનેહગાર
શ્રી સવા..... "ઈશારો"...અકલે કે,
પેલુ ઈશારો કરતુ પીળુ મુખડું નથી આવતું....
અકલે શબ્દોમાં કૌ છુ એમ..! સાચ્ચે..!
તો,
બાકીનો હિસાબ રાત્રે સમજી લૈશુ હોને...?
આજુ બાજુ ના જો હવે...! અરી..! તનેજ કૌ છુ..!


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