ये आजका सच है... सिर्फ आजका...!
कलका मुझे पता नहीं...
આ ભાઈ મોટા ઉપાડે સીન સપાટા મારતા હતા .
અને લોકોને મુર્ખ બનાવવા ફેસબુક પર એક રીપોર્ટ પેજ બનાવેલુ ...
જેમાં લખ્યું હતું કે તમે તમારા સુજાવ અમને મોકલો અમે તેને ફોલો કરીશું .
પણ પછી શું ???
અર્થાત પછી શું થયું ખબર છે ..?
મેં આ નીચે લખ્યા મુજબ સુજાવ આપ્યો ...
અર્થાત સુજાવ લખીને પોસ્ટ કર્યો ....
મગર મારો સુજાવ પોસ્ટ કાર્ય પછી જોઉ છુ તો,
આશ્ચર્ય અને આઘાત ..!!!
મારી પોસ્ટ ગાયબ થઇ ગઈ
અર્ડીથાત લીટ થઇ જાય છે..!
ફરી પ્રયાસ કર્યો ફરી ગાયબ
આમ ત્રણ ત્રણ વાર પ્રયાસ કર્યા....
પણ પોસ્ટ ગાયબ આખરે મેં મારી દીવાલ યાની વોલ પર સુજાવ મૂકી દીધો ....
પછી સમજાયું કે આ ભાઈને માત્ર પોતાની વાહ વાહી થાય એવીજ વાતોમાં દિલચસ્પી છે ..!
અને મારા સુજાવથી એમની સુજી ગઈ છે , સુજી રહી છે.!
ત્યારબાદ તો મોટા ઉપાડે ફેસબુકમાં બનાવેલું રીપોર્ટ પેજ પણ ગાયબ કરી નાખ્યું ....
જે ખુલ્લી આંખો વાળા અર્થાત જે આ ભાઈની ભક્તિમાં અંધ નહિ હોય એ આ લીંક પર જશે તો જરૂર દેખાશે....
તો કરો અખતરો અને ખાતરી કરો
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मेने :- इस अभियानको समर्थन दिया
और आपकी पोस्ट को शेर भी किया...
मेने आपका रिपोर्ट पढ़ा ....
मुझे फोटू खिंचवानेका बिलकुल शौख़ नहीं..
फीर भी जब कभी मरजी होती है तो,
हमे खुद ही अपनी फोटु खींचके,
शैर करना आता है...!
हां बिना फ़ोटू जानकारी और सलाह जरुर देंगे...
और भी हकीकत बताएँगे ...
मोदी जी आपको कुछ भी कहे ने से पहेले,
में ये खुलासा करना चाहूँगा की....
में किसीका भी.! कठ पुतला नहीं हु ....
और सिर्फ बातो और दिखावोसे में कतै प्रभावित नहीं होता...
इस भारत देसके इक नागरिक होने के नाते,
मुझे जो सच हे वो कहेने से आप नहीं रोकेंगे.!
ये में भली भाति जानता हु.
और में भी जूठी बाते नहीं करूँगा..!
आपका ये विश्वास भी मेरे लिए जरुरी है...
वैसे भी आपने रेडियो पर जनताके सुजाव मागेन थे ...
और ये भी वचन दिया था की अगर...
सुजाव योग्य होगा तो आप जरुर इस पर अमल करेंगे ...
तो में ये कहता हु की ...
देखने सुनने में ये सब बहोत ही अच्छा लगता हे ...
पर क्या आपको आपका ये तरीका सच्चा लगता है... ?
ऊपर जो लिखा है उनमे साफ़ साफ़ समजमे आता है की,
आप सफाइके लिए नागरिको को अपील करते है.
जरुर हर नागरिक की जिम्मेवारी है,
की वो घरका कचरा एक डिब्बे में जमा करे,
और जब मुन्सी पालटी वाले,
कचरा भरनेका वाहन लेके आये तब उसको कचरा दे दे...
और ज्यादा से ज्यादा ये ध्यान रखे की,
रास्ते पर कचरा ना फेंके बस ...!
नागरिक को इतना ही ख़याल रखना है ...
उसके बाद की सारी जिम्मेवारि,
म्युनिसिपल वालेकी बनती है..! पब्लिककी नहीं...!
क्या मेने कुछ गलत कहा...?
मे आपसे कुछ सवाल पूछता हु इसपर गौर फरमाइयेगा ...
क्या आप म्युनिसिपाल के अधिकारी को पगार नहीं देते...?
क्या म्युनिसीपाल पानी,बिजली, सफाई..
वगेरा वगेरा चार्ज 'टेक्ष' नहीं लेते... ?
अरे पूरा का पूरा चार्ज वसूलते है..
और गर जब कभी चार्ज भरनेमे देरी होती है तो,
10 % ब्याज भी लेते है...
क्या मे गलत कहेता हु...?
मे जानता हु आपका जवाब ना नहीं होगा,
क्योकि सबको पगार मिलती है..
मुफ्त में कोई नौकरी नहीं करता... फिर...???
तो में ये कहेना चाहता हु की,
इस तरहे नागरिक को अपील करनेके बजाय ...
जो काम जिसका है, जो इस कामके लिए हे,
और जिसको आप इन्ही काम सफाई वगेरेकी पगार देते है.
गर हम नागरिक ही सफाई करने लगेंगे तो,
वो अधिकारी क्या करेंगे.?
जो इस कामकी नौकरी की पगार पगार लेते हे.?
तो मेरी आपसे गुजारिश है की,
आप उसको आदेश दे..!
और उनको कहे की,
वो अपना काम निति और इमानदारीसे करे...
और आप उस पर कड़ी नजर रखे... येही सही है..
भारत पहेला ऐसा देश होगा,
जहा नागरिक को सफाई करनेकी अपील की जाती है..
ये गर्व की नहीं मगर शर्म की बात है... 
जिस देशके नागरिक को "अपवाद बाद करते हुवे"
दो वक्त की रोटी कमानेसे फुरसत नहीं मिलती ..
वो ये सब भला कैसे करेगा...!?
और करे भी क्यों ...??
हर जगह हर काम के लिए,
चुनंदा लोगो को आपने जो बिठाए है ... फिर...???
मेरा निजी अनुभव रहा है की,
जब कभी हम अपनी जिम्मेवारी समजके ...
हमारी नहीं बलके,
किसी गली या रास्ते की कही भरी गटर, कही गहेरे गड्डे की,
तस्विरके साथ फ़रियाद लेके,
नगरपालिका अपना कीमती वक्त निकालके जाते हे,
तो, क्या होता है ..
कितने चक्कर काटने पड़ते हे ....
इसके बावजूद भी काम तो होता ही नहीं...
अब क्या करना चाहिये क्या नहीं, क्या गलत है क्या सही ,
ये आपको सोचना है...
मेने तो आपकी इच्छा के अनुसार,
आपकी इस पोस्ट को शेर भी किया,
और आपने रेडियोके माध्यमसे जो
आह्वान दिया था उस मुताबिक़ सुजाव भी दिया है...
अब इसपर अमल करना करवाना आपका काम है...
आशा रखता हु आप जरुर अमल करेगे ...
ऐसे और ऐसा प्रयास मेने इससे पहेले भी किया था लेकिन....
ख़ैर....
में क्यों खुदही अपनी बात करू .
आप मेरी प्रोफाइल देख लेना सब पता चल जाएगा ...
या फिर आप कहे तो लिंक भेजू ...?
जय हिन्द ...
"सलामत" मुजको रखे राम मुजको अल्ला रखे... 
ON THIS DAY
Kunjal Pradip Chhaya is
remembering old friends with નિર્દોષ ગુનેહગાર.
#ઘોઘાઘોઘી વર્ષો પછી ફરી...
અને ફરી ઘોઘી માંડ છ-બાર મહિને ઓચિંતી ઘોઘાની ભઠ્ઠીએ આવી પહોંચી.
ઘોઘો: "હેં? તે તને કેમ ખબર પડી કે મને મન થયું કે મળીએ... હું તને હાકલ કરતો, જ હૂતો..."
ઘોઘા: "એ તો, મું તો મારી મેતે આઈવી... તે કિયારે બોલાવી, હેં?"
જરાવારમાં કંઈક રકઝક થઈ. આખા ગામની અલકમલક વાત થઈ. જણેજણ જૂના જોગી મિત્રો - સખીઓને ક્ષણવારમાં યાદ કરી લેવાયા. એકબીજાના ઘરપરિવાના ખબરઅંતર પૂછાઈ ગયા.
પણ નિવેડો ન આવ્યો કે કોણે કોને પહેલાં યાદ કર્યાં હશે કે આમ અનાયાસે મળવાનું થઈ ગયું. જરીક ઘોઘો ચિડાઈ ગયો, એ ક્યાં દલીલો કરવામાં માહિર હતો? એ તો એની ભઠ્ઠી અને એના ખંડેરની યાદોમાં મસ્ત રહેતો. ઘોઘી પણ બહુ ચિડાઈ ન શકી. જરા ગળગળી થઈ ગઈ. હવે, કોણ અને કોને સમજાવે?
ઘોઘો સુુંવાળી આછી દાઢી-મૂછમાં હસ્યો. ઘોઘી પણ પાતળા હોઠ મચકોડીને મલકી, ઝાંઝરીને ઠેસ મારી કંઈપણ બોલ્યા વિના પાછું વળીને ચાલી નીકળી. #કુંજકલરવ
ON THIS DAY
ભાઈબંધ કહેતો કે,
"અનંત" સૌથી સલામત જીવન ભ્રમમાં જીવાય છે ....!
"અજ્ઞાની" ભ્રમ માં ભ્રમણ કરે "અનંત"
ભ્રમ એજ સત્ય છે , સત્ય એક ભ્રમ છે ...!
"અજ્ઞાની"
નિર્દોષ ગુનેહગાર
ये आजका सच है... सिर्फ आजका...!कलका मुझे पता नहीं...
मेने :- इस अभियानको समर्थन दिया और आपकी पोस्ट को शेर भी किया...
मेने आपका रिपोर्ट पढ़ा .... मुझे फोटू खिंचवानेका बिलकुल शौख़ नहीं..
फीर भी जब कभी मरजी होती है तो, हमे खुद ही अपनी फोटु खींचके, शैर करना आता है...! हां बिना फ़ोटू जानकारी और सलाह जरुर देंगे... और भी हकीकत बताएँगे ... मोदी जी आपको कुछ भी कहे ने से पहेले, में ये खुलासा करना चाहूँगा की.... में किसीका भी.! कठ पुतला नहीं हु .... और सिर्फ बातो और दिखावोसे में कतै प्रभावित नहीं होता... इस भारत देसके इक नागरिक होने के नाते, मुझे जो सच हे वो कहेने से आप नहीं रोकेंगे.! ये में भली भाति जानता हु. और में भी जूठी बाते नहीं करूँगा..! आपका ये विश्वास भी मेरे लिए जरुरी है... वैसे भी आपने रेडियो पर जनताके सुजाव मागेन थे ... और ये भी वचन दिया था की अगर... सुजाव योग्य होगा तो आप जरुर इस पर अमल करेंगे ... तो में ये कहता हु की ...देखने सुनने में ये सब बहोत ही अच्छा लगता हे ... पर क्या आपको आपका ये तरीका सच्चा लगता है... ?ऊपर जो लिखा है उनमे साफ़ साफ़ समजमे आता है की, आप सफाइके लिए नागरिको को अपील करते है.जरुर हर नागरिक की जिम्मेवारी है, की वो घरका कचरा एक डिब्बे में जमा करे, और जब मुन्सी पालटी वाले, कचरा भरनेका वाहन लेके आये तब उसको कचरा दे दे... और ज्यादा से ज्यादा ये ध्यान रखे की, रास्ते पर कचरा ना फेंके बस ...! नागरिक को इतना ही ख़याल रखना है ... उसके बाद की सारी जिम्मेवारि, म्युनिसिपल वालेकी बनती है..! पब्लिककी नहीं...! क्या मेने कुछ गलत कहा...? मे आपसे कुछ सवाल पूछता हु इसपर गौर फरमाइयेगा ... क्या आप म्युनिसिपाल के अधिकारी को पगार नहीं देते...? क्या म्युनिसीपाल पानी,बिजली, सफाई.. वगेरा वगेरा चार्ज 'टेक्ष' नहीं लेते... ? अरे पूरा का पूरा चार्ज वसूलते है.. और गर जब कभी चार्ज भरनेमे देरी होती है तो, 10 % ब्याज भी लेते है... क्या मे गलत कहेता हु...? मे जानता हु आपका जवाब ना नहीं होगा, क्योकि सबको पगार मिलती है.. मुफ्त में कोई नौकरी नहीं करता... फिर...???तो में ये कहेना चाहता हु की, इस तरहे नागरिक को अपील करनेके बजाय ...जो काम जिसका है, जो इस कामके लिए हे, और जिसको आप इन्ही काम सफाई वगेरेकी पगार देते है. गर हम नागरिक ही सफाई करने लगेंगे तो, वो अधिकारी क्या करेंगे.? जो इस कामकी नौकरी की पगार पगार लेते हे.? तो मेरी आपसे गुजारिश है की, आप उसको आदेश दे..! और उनको कहे की, वो अपना काम निति और इमानदारीसे करे... और आप उस पर कड़ी नजर रखे... येही सही है.. भारत पहेला ऐसा देश होगा, जहा नागरिक को सफाई करनेकी अपील की जाती है.. ये गर्व की नहीं मगर शर्म की बात है...
जिस देशके नागरिक को "अपवाद बाद करते हुवे" दो वक्त की रोटी कमानेसे फुरसत नहीं मिलती .. वो ये सब भला कैसे करेगा...!? और करे भी क्यों ...??हर जगह हर काम के लिए, चुनंदा लोगो को आपने जो बिठाए है ... फिर...??? मेरा निजी अनुभव रहा है की, जब कभी हम अपनी जिम्मेवारी समजके ...हमारी नहीं बलके, किसी गली या रास्ते की कही भरी गटर, कही गहेरे गड्डे की, तस्विरके साथ फ़रियाद लेके, नगरपालिका अपना कीमती वक्त निकालके जाते हे, तो, क्या होता है .. कितने चक्कर काटने पड़ते हे .... इसके बावजूद भी काम तो होता ही नहीं... अब क्या करना चाहिये क्या नहीं, क्या गलत है क्या सही , ये आपको सोचना है... मेने तो आपकी इच्छा के अनुसार, आपकी इस पोस्ट को शेर भी किया, और आपने रेडियोके माध्यमसे जो आह्वान दिया था उस मुताबिक़ सुजाव भी दिया है... अब इसपर अमल करना करवाना आपका काम है... आशा रखता हु आप जरुर अमल करेगे ...
ऐसे और ऐसा प्रयास मेने इससे पहेले भी किया था लेकिन.... ख़ैर.... में क्यों खुदही अपनी बात करू . आप मेरी प्रोफाइल देख लेना सब पता चल जाएगा ...
या फिर आप कहे तो लिंक भेजू ...? जय हिन्द ... "सलामत" मुजको रखे राम मुजको अल्ला रखे...
*
ये आजका सच है... सिर्फ आजका...!
कलका मुझे पता नहीं...
मेने :- इस अभियानको समर्थन दिया
और आपकी पोस्ट को शेर भी किया...
मेने आपका रिपोर्ट पढ़ा ....
मुझे फोटू खिंचवानेका बिलकुल शौख़ नहीं..
फीर भी जब कभी मरजी होती है तो,
हमे खुद ही अपनी फोटु खींचके,
शैर करना आता है...!
हां बिना फ़ोटू जानकारी और सलाह जरुर देंगे...
और भी हकीकत बताएँगे ...
मोदी जी आपको कुछ भी कहे ने से पहेले,
में ये खुलासा करना चाहूँगा की....
में किसीका भी.! कठ पुतला नहीं हु ....
और सिर्फ बातो और दिखावोसे में कतै प्रभावित नहीं होता...
इस भारत देसके इक नागरिक होने के नाते,
मुझे जो सच हे वो कहेने से आप नहीं रोकेंगे.!
ये में भली भाति जानता हु.
और में भी जूठी बाते नहीं करूँगा..!
आपका ये विश्वास भी मेरे लिए जरुरी है...
वैसे भी आपने रेडियो पर जनताके सुजाव मागेन थे ...
और ये भी वचन दिया था की अगर...
सुजाव योग्य होगा तो आप जरुर इस पर अमल करेंगे ...
तो में ये कहता हु की ...
देखने सुनने में ये सब बहोत ही अच्छा लगता हे ...
पर क्या आपको आपका ये तरीका सच्चा लगता है... ?
ऊपर जो लिखा है उनमे साफ़ साफ़ समजमे आता है की,
आप सफाइके लिए नागरिको को अपील करते है.
जरुर हर नागरिक की जिम्मेवारी है,
की वो घरका कचरा एक डिब्बे में जमा करे,
और जब मुन्सी पालटी वाले,
कचरा भरनेका वाहन लेके आये तब उसको कचरा दे दे...
और ज्यादा से ज्यादा ये ध्यान रखे की,
रास्ते पर कचरा ना फेंके बस ...!
नागरिक को इतना ही ख़याल रखना है ...
उसके बाद की सारी जिम्मेवारि,
म्युनिसिपल वालेकी बनती है..! पब्लिककी नहीं...!
क्या मेने कुछ गलत कहा...?
मे आपसे कुछ सवाल पूछता हु इसपर गौर फरमाइयेगा ...
क्या आप म्युनिसिपाल के अधिकारी को पगार नहीं देते...?
क्या म्युनिसीपाल पानी,बिजली, सफाई..
वगेरा वगेरा चार्ज 'टेक्ष' नहीं लेते... ?
अरे पूरा का पूरा चार्ज वसूलते है..
और गर जब कभी चार्ज भरनेमे देरी होती है तो,
10 % ब्याज भी लेते है...
क्या मे गलत कहेता हु...?
मे जानता हु आपका जवाब ना नहीं होगा,
क्योकि सबको पगार मिलती है..
मुफ्त में कोई नौकरी नहीं करता... फिर...???
तो में ये कहेना चाहता हु की,
इस तरहे नागरिक को अपील करनेके बजाय ...
जो काम जिसका है, जो इस कामके लिए हे,
और जिसको आप इन्ही काम सफाई वगेरेकी पगार देते है.
गर हम नागरिक ही सफाई करने लगेंगे तो,
वो अधिकारी क्या करेंगे.?
जो इस कामकी नौकरी की पगार पगार लेते हे.?
तो मेरी आपसे गुजारिश है की,
आप उसको आदेश दे..!
और उनको कहे की,
वो अपना काम निति और इमानदारीसे करे...
और आप उस पर कड़ी नजर रखे... येही सही है..
भारत पहेला ऐसा देश होगा,
जहा नागरिक को सफाई करनेकी अपील की जाती है..
ये गर्व की नहीं मगर शर्म की बात है... 
जिस देशके नागरिक को "अपवाद बाद करते हुवे"
दो वक्त की रोटी कमानेसे फुरसत नहीं मिलती ..
वो ये सब भला कैसे करेगा...!?
और करे भी क्यों ...??
हर जगह हर काम के लिए,
चुनंदा लोगो को आपने जो बिठाए है ... फिर...???
मेरा निजी अनुभव रहा है की,
जब कभी हम अपनी जिम्मेवारी समजके ...
हमारी नहीं बलके,
किसी गली या रास्ते की कही भरी गटर, कही गहेरे गड्डे की,
तस्विरके साथ फ़रियाद लेके,
नगरपालिका अपना कीमती वक्त निकालके जाते हे,
तो, क्या होता है ..
कितने चक्कर काटने पड़ते हे ....
इसके बावजूद भी काम तो होता ही नहीं...
अब क्या करना चाहिये क्या नहीं, क्या गलत है क्या सही ,
ये आपको सोचना है...
मेने तो आपकी इच्छा के अनुसार,
आपकी इस पोस्ट को शेर भी किया,
और आपने रेडियोके माध्यमसे जो
आह्वान दिया था उस मुताबिक़ सुजाव भी दिया है...
अब इसपर अमल करना करवाना आपका काम है...
आशा रखता हु आप जरुर अमल करेगे ...
ऐसे और ऐसा प्रयास मेने इससे पहेले भी किया था लेकिन....
ख़ैर....
में क्यों खुदही अपनी बात करू .
आप मेरी प्रोफाइल देख लेना सब पता चल जाएगा ...
या फिर आप कहे तो लिंक भेजू ...?
जय हिन्द ...
"सलामत" मुजको रखे राम मुजको अल्ला रखे...
*
નિર્દોષ ગુનેહગાર
उस वक़्त का सच....
सही ? या गलत..!?
मनोरंजन हर हाल मे देना लेना...
और कुछ,ना सुनना कहेना... !









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