फीर अचानक यहां आ गया तो ऐसा लगा
ये वही भ्रमण है और वही हे भ्रम।
आज यहां आये कीतने साल गुजर गये।
गुजरते गुजरते "अनंत" काल गुजर गेये।
मैने महेसुस कीया आज यहां आके की,
औरो की तरहा अब आप भी बदल गये।
"अनंत"
ने बर्षो पहेले ऎसा अपनी कीसी बदली बदली सी चहीती से कहा था।
खैर मेरा क्या है। मै भी तो नही।
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