जो के एवु चाले नै ए साचु !
पण पागल प्रेमी ने कोण समजावे !
पोते भले जे सामे आवे तेना प्रेममा पडे !
पण पेली भुलमाय जो कोई बीजानु नाम ,
उच्चारे ..॥॥
तो भ्ई ने वांघा पडे !
पोते करे ए लीला ने पेली कै करे तो भै ने पीडा
थाय , जीव बारे ...बौ के वाय ...
आवु चाले ज नै !
पण ए पगलाने कोण समजावे !
जे कोई वातमा समजे नै !
जो के आ पुरुष प्रक्रुती छे !
ए जेवो कोईने प्रेम करे ,प्रेममा पडे के तरतज !
एना मनमा तेनी चहीती प्रत्ये -
अघीकार भाव जन्मे !
जोके ,कोई अघीकार पण त्यारे ज अने
तेना पर ज करे ,जेनी साथे प्रेम होय !
आ पण हकीकत छे !
बाकी लश्कर क्या लडे छे !
एनी एने परवा पण ना होय ....
तोय आ सारु तो नाज कहेवाय ने !
पण आवी बघी वातो थी ईवडो ई
साव अजाण !
एक दि' एनी चहीती ए कोई छोकरानी-
जराक वात शु करी ,
ईवडो ई तो गुस्से थै ग्यो अने गुस्से थैने
आ ये तो कोण जाणे कै केटलाय
अर्थमा ! पेली ने कै दीघु !
वर्षो पहेला....
सबको जो देखे वो मुजको ना देखे और "अनंत"
मुजको जो देखे वो कभी कीसी और को ना देखे
मुजको जो देखे वो कभी कीसी और को ना देखे
"अनंत "
ब्लास्ट :- ईवडो ईज पछी मुंजातो ने के'तो ,
"अनंत" ज्यारे ज्यारे प्रेम थाय छे !
खबर नै, मने आवु केम थाय छे !
खबर नै, मने आवु केम थाय छे !
"अनंत"


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