सुख होय के
दू:ख जीवननी एक एक क्षण !
भरपूर जीवी
लेवामा माननारो घोघो...
आजकाल गीतों
ना रवाडे चडयो छे !
खबर नै
केम..! कोई साथे कदाच....
घोघी हुह एम
छणको करीने पग पछाडती गई पछी घोघो ..
गुम हे कीसी
के प्यार मे...
गुम हे कीसी
के प्यार मे...
गुम हे कीसी
के प्यार मे...
करतो करतो
रवेशमा जई ने खुल्ला आकाश तरफ जोइने...
स्सालू आ गीत मने नैज आवडे ....
ऐना करता तो
पेलू .. पेलू ..पेलू..गीत....
घोघो फरी
कोई गीत याद करे छे...
पण शरू कर्या पहेलाज भूली जाय छे !
के , पोतने क्यू गीत गावू हतु...
सुर के स्वर
साथे घोघाने स्नान सुतकनॉय संबंध नै ....
तोय गावू
एटले बस गावू ...
जो के एक
वार घोघी ऐ नाक कापेलु पण खरु के...
तेदि पण घोघो कोई गीत गातो हतो ....
त्यारे घोघिए कहेलु घोघा तू शु काम गाय छे...!
ज्यारे के
तारा स्वरना,
सुरना के
श्ब्दोना कोईज ठेकाणा नथी होता..!
जोके त्यारे
नकटा घोघाये एवु कह्यु,
के , घोघी.....
मारे गामना
चोरे गावा नथी जावू समजी...
हु त्यारे
त्यारे गाऊ छु ज्यारे मने चडे छे मस्ती...
अने हु
मात्र मारा माटे,
के, पछी , क्यारेक तारा....
एटलू बोली
घोघो अटक्यो ने घोघिनो मगज छटक्यो....
पछी
गुस्सायेली घोघी कायम पोताने छेड़ता ...
परेशान करता
घोघाने छोड़े खरी !
ते दिवस
वारि ज घोघिये आजे करी....
शु करी ऐ
आगळ जता खबर पड़े...
पेला एक आ
कड़ी "गुम हे कीसी के प्यार मे..."पर अट्केलो घोघो...
हवे आखा
गीतमा अटके छे...
जे गीत वर्षो पहेला गातो गाई गाई गाई ने जीवतो
एज गीत ....
अचानक ज
ज्यारे गावानी चडी चानक त्यारेज दिमागमाथी गायब...
फरी एज आंटा
फेरा....
बौ चक्कर
काप्या पछी जेम अचानक गायब थयु हतु एमज अचानक...
घोघाने आखे
आखु गीत याद आवी जाय छे !
केमके ऐ गीत
घोघो कायम गातो अटले नै तो कई याद थोड़ी ना आवे..
अने घोघो
सोफा पर बेसी सामे पड़ेली टिपोय पर पग लंबावी....
शरू थइ जाय
छे...
जिंदगी....
अचानकघोघाने
कोण जाणे शु विचार आवे छे के सटाक करतो उभो थैने...
दरवाजा पासे
जाय छे.. आम तेम नजर करीने जुवे छे, के,,,
घोघी क्याक
छुपाइ तो नथी ने ..!
अगर जो ऐ
थशे तो पिटाई जवाशे पाछु....
पछी एज जंटीया ने चींटीया सहन करवा पड़शे ऐ बीकेज !
घोघो पहेला
घरनी बहार जइने आसपास नजर करी आवे छे !
घोघी क्याय छपाई नथी ऐ खात्री कर्या पची...
भीतर जइ, सोफा पर बेसी, सामे पड़ेली टिपोय पर पग लम्बावी ...
घोघो सुरमा
गावा लागे छे आ गीत....
ज़िन्दगी
प्यार की दो चार घड़ी होती है
चाहे थोड़ी
भी हो ये,
उम्र बड़ी
होती है
ज़िन्दगी
प्यार की दो चार घड़ी होती है
ताज या तख़्त
या दौलत हो ज़माने भर की
कौन सी चीज़
मोहब्बत से बा दी होती है
ज़िन्दगी
प्यार की दो चार घड़ी होती है
दो मोहब्बत
भरे दिल साथ धड़कते हो जहाँ
सबसे अच्छी
वो मोहब्बत की घड़ी होती है
ज़िन्दगी
प्यार की दो चार घड़ी होती है...
घोघानु
गावानु जेवू पुरु थयु तेवा घोघना जंटीया खेंचाणा अने घोघो...
ओ,ओ,ओ,ओ मारा वाळ एम राड नाखता पाछु फरिने जुवे छे तो ...
घोघी..
घोघी ने जोई
घोघो चोंकी गयो..
घोघिए सोफा
पाछळ बेठा बेठाज घोघाना वाळ खेंच्या हता.
छोड़ घोघी मारा वाळ छोड़ बौ दर्द थाय छे....
भले भले थाय
तू एने ज लायक छो....
वाळ खेंचेला
हाथेज सोफा पाछळ थी आगळ अवता घोघी बोली...
अरी
...अरी...यार .
छोड़ ने मारा
वाळ घोघिना हाथमाथी पोताना वाळ छोड़ाववा ..
घोघो मथे
घोघिनो हाथ पकड़ी घोघीना पंजामामाथी पोताना वाळने-
मुक्त करवा
घोघो रितसरनो करगरे छे...
अन्ते
घोघिनी पकड़माथी घोघाना वाळ तो छुटे छे पण....
वाळ ने छोड़ी
घोघी घोघाना गाल चुंटे छे ,
अर्थात घोघी
...
कायमनी माफक
आगळी अने अंगूठाने बदले पांचेय आंगला नो पुरेपुरो
उपियोग करे
छे.
अने घोघना
बेऊ गाल पकड़ने घोघाने झकझोरी नाखे छे..!
बौ होशियारी
मारे छे ने तू आजे तो तारी ख़ैर नथी....
अरे प,प,पण..म,म, मारो वांक शु छे अ,अ,एतो के पेला...
प, पछी तू तारे प्रेमथी म,मारा बाल ने गाल जे खेंचवू होय ऐ प्रमथी..
ख,खेंचजे बस....
वायाडीनो
घोघो गाल ने बाल खेंचाय छे ,
पिडानो
मार्यो कणसे छे ! तोय वायडाइ नथी मुकतो....
अने घोघिने
वाळ खेंचवानु कारण पूछतो ...
घोघो कहे छे
.. पण काक कारण तो के घोघी ...
शु काम आम
मने हेरान करे छे तू....
घोघी घोघानी
हरकतोंथी वधु गुस्साय छे...
हु करू छु ! हे ! हु तने हेरान करू छु ! के तू मने परेशान
करे छे..!
अरे पण में
तो खाली एमज गीत गायु एमा तने शु वांधो पड़े छे ले पण...
शु मारे गीत
पण ना गावू के..
हु एम नथी
केती केतू गीत ना गा तू तारे रागला ताणवा होय एटला ताण...
पण कोना
माटे गाय छे मने खाली एटलु कई दे....
अने बीजू के
काले ते एक लिटी पर अटकी ने आखो दि बगाडयो...
अने आजे तो
तू आखे आखु गीत सड सडाट गाई ग्यो ऐ पण पाछु सुरमा...!
अरे पण हु
तारी बधी वातना जवाब आपु
पण तू पेला
जरा मारा गाल तो छोड़..
अने जरा
शांति थी बेस तू पण पाणी पी अने मने पण पा..!
ना ! घोघिए
वाळ तो छोड्या घोघानी बाजुमा पण बेठी पण..!
पाणी नी
चोख्खी ना..!
घोघो कहे
अरे पण का !
घोघी कहे
कोइने तरस्या तडपाव्वानी सजा,,,जा...
आजे तने
पाणी नै मले....
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